गीत (ऐ रहनुमा)

ऐ रहनुमा ऐ रहनुमा

रूह में घुला हुआ सा
सांस में रमा हुआ सा
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा….

प्यास बनके बढ़ रहा है
अब्र सा बरस रहा है
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा….×2

तेरे बिना-जीना कहा
तेरे बिना-मरना यहाँ
तेरे बिना-ना एक पल
तेरे बिना-ना-मुकम्मल ये मेरा जहान

दूरियों को ख्वाब कर दे
खुद को तेरे पास कर दे
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा

लम्हा भी गुज़र ना पाये
तेरी ही तलब लगाए
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा…×2

तेरे बिना-जीना कहा
तेरे बिना-मरना यहां
तेरे बिना-ना एक पल
तेरे बिना-ना-मुकम्मल ये मेरा जहान….

ऐ रहनुमा ऐ रहनुमा…

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