ऐ रहनुमा ऐ रहनुमा
रूह में घुला हुआ सा
सांस में रमा हुआ सा
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा….
प्यास बनके बढ़ रहा है
अब्र सा बरस रहा है
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा….×2
तेरे बिना-जीना कहा
तेरे बिना-मरना यहाँ
तेरे बिना-ना एक पल
तेरे बिना-ना-मुकम्मल ये मेरा जहान
दूरियों को ख्वाब कर दे
खुद को तेरे पास कर दे
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा
लम्हा भी गुज़र ना पाये
तेरी ही तलब लगाए
इश्क़ ये तेरा ऐ रहनुमा…×2
तेरे बिना-जीना कहा
तेरे बिना-मरना यहां
तेरे बिना-ना एक पल
तेरे बिना-ना-मुकम्मल ये मेरा जहान….
ऐ रहनुमा ऐ रहनुमा…