1:- एक कहानी सी बनी तेरी मोहब्बत
और हम किस्सा बनकर रह गए
बन्द किताबों सा रहा इश्क़ तेरा
और हम किताबों में ही बंद रह गए
2:- हो कैदी बनकर रह गए
अपने ही सताइश (घर) मे
वो गुनाह करते रहे
और सज़ा-ऐ-मौत हमको मिली
3:- क्यों चुराऊं अल्फ़ाज़ महफ़िल में गुनगुनाने को
जब तेरी गम-ऐ-मोहब्बत ही ज़िन्दगी पढ़ा गयी
4:- एक प्याज सा था इश्क़ तेरा मेरे लिए
जितने पर्दे उतरते गए उतने ही हम मरते गए
5:- वो फिर यू आये तन्हाई का आलम देने के लिये
कमबख्त एक शराब का सहारा था
उससे भी बेवफाई करा गए