राजनीति हास्य

वाह रे राजनीती और नेता जी
तुमने क्या रंग दिखाया
राम मंदिर की बात थी
हनुमानजी को बीच मे लाया
कोई बोले दलित कोई बोले जाट
तो कोई बोले मुसलमान है
भगवान को ही बांट चले
आखिर कैसे ये नेताओं में छिपे इंसान है
इलेक्शन है सर पे शायद इस वजह से बौखलाए हैं
और जनता को तो पहले ही अपने वादों से बेवकूफ बनाये है
सोच रहे हैं शायद फिर देंगे कोई नया फतूला
राम मंदिर तो कब का बन चुका
अब पेश करेंगे हनुमत झूला
अरे क्यों देश की जनता को वोटों में बांट रहे हो
जाति भेद के नाम पर उनके जहनो को काट रहे हो
कुर्सी तुम्हारी पक्की रहेगी
उनके हिस्से में तो लिखी बेरोजगारी है
अबकी बार झूठ के साथ फिर कौन से नए वादे की तैयारी है
बट चुका है टुकड़ो में
अब कहा देश बच पायेगा
जागो देश के लोगों
पता नही अब कौन से भगवान का नंबर आएगा

गर उठ चुके हो गिरकर तो
थोड़ी सी शर्म बरतलो
राजनीती में ना घसीटो
भगवान को भगवान की जगह रखलो….

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